हैदराबाद मुठभेड़ की मानवाधिकार टीम ने शुरू की जांच
मानवाधिकार आयोग ने हैदराबाद मुठभेड़ की जांच शुरू कर दी है। आयोग की 7 सदस्य टीम ने शनिवार को स्थान का दौरा किया जहां महिला चिकित्सक के सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसे जला देने के चार आरोपितों को पुलिस ने वहीं हैदराबाद मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस का कहना है कि आरोपित ने पहले पुलिस पर हमला किया और जवाबी गोलीबारी में चारों मारे गए। आयोग के दल में फॉरेंसिक मेडिसिन विशेषज्ञ भी शामिल हैं। टीम ने सबसे पहले महबूबनगर जिले के एक अस्पताल में रखे आरोपितों के शव की जांच किस के बाद टीम 50 किलोमीटर दूर चट्टन पगली गांव भी गई जहां महिला चिकित्सक का जला हुआ शव मिला था और आरोपों का एनकाउंटर किया गया। शमशाबाद क्षेत्र के डीसीपी एन प्रकाश रेड्डी ने कहा कि आयोग की टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और वह मामले की जांच कर रही है।
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आपको बता दें कि हैदराबाद एनकाउंटर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को दो जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें एनकाउंटर की एसआईटी से जांच और उसमें शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने की मांग की गई है। शुक्रवार को तड़के हुए एनकाउंटर में पुलिस ने महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या के चारों आरोपितों को मार गिराया था।

वहीं हैदराबाद में गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर में मारे जाने की घटना की आलोचना की है। जोधपुर में एक कार्यक्रम में जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने कहा कि न्याय कभी भी आनन-फानन में किया नहीं जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि अगर न्याय बदले की भावना से किया जाए तो अपना मूल चरित्र खो देता है। न्याय कभी भी तत्काल नहीं हो सकता है।

